दैनिक जागरण के अनुसार -
नई दिल्ली बराक ओबामा ने अपने भारत दौरे के पहले दो दिनों में साबित कर दिया है कि पाकिस्तान को लेकर वह भारत के सुर में सुर नहीं मिलाने जा रहे। इससे भारतीय कूटनीतिक खेमे में भारी बेचैनी है। देखना है कि ओबामा ने आतंकवाद के खिलाफ इस दौरे के दौरान कुछ ठोस प्रस्ताव करने का जो भरोसा दिलाया है, वह वाकई कितना महत्वपूर्ण होता है। इन प्रस्ताव के आधार पर ही आने वाले दिनों में पाकिस्तान को लेकर अमेरिका की नीति का खाका तय हो सकेगा। ओबामा ने जिस तरह दो अलग-अलग कार्यक्रमों के दौरान पाकिस्तान पर दिए अपने बयानों में उसके प्रति नरमी दिखाई है, उसके बाद भारतीय कूटनीतिक खेमे ने तय किया है कि अब सोमवार को होने वाली शिखर वार्ता और प्रतिनिधि मंडल स्तर की बातचीत में वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उसके दोहरे रवैये को पुरजोर तरीके से उठाएगा। आंतरिक सुरक्षा को लेकर भारत की सबसे बड़ी चुनौती और चिंता के पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका की ओर से कोई सख्त संदेश आना हमारे कूटनीतिक अभियान का एक अहम पहलू है। सूत्रों के मुताबिक यह आतंकवाद पर अमेरिका की दोहरी नीति है। मनमोहन सिंह और ओबामा की शिखर वार्ता और दोनों देशों के प्रतिनिधि मंडल की बैठक के दौरान भारत यह मुद्दा पूरी गंभीरता के साथ उठाएगा। द्विपक्षीय बातचीत में इस मुल्क को अमेरिका की ओर से मिलने वाली सामरिक सहायता पर भी चिंता जताई जाएगी। इनके मुताबिक सोमवार की बातचीत में कहा जाएगा कि वह पाकिस्तान को होने वाली हथियारों की बिक्री पर गंभीरता से नजर रखें। हालांकि आंतरिक सुरक्षा से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अभी दौरे का सबसे औपचारिक हिस्सा बाकी है। सोमवार को दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली मुलाकात और उसके बाद आने वाले साझा बयान का इंतजार किया जाना चाहिए। रविवार को मुंबई में ओबामा ने यह भी कहा है कि आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के मामले पर वे इस यात्रा के दौरान कुछ ठोस प्रस्ताव करने जा रहे हैं। इनके मुताबिक साझा बयान में इसकी झलक दिखाई दे सकती है।
Monday, 8 November 2010
ओबामा को उबार रहे हैं राजनीतिक संकट से
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान आज मुम्बई में उनके भाषण को निराशाजक करार देते हुए भाजपा ने कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में हार से संकट में घिरे ओबामा को भारत में राजनीतिक संकट से उबारा जा रहा है।
होटल ताज में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमले के समय सारी दुनिया ने भारत की बहादुरी देखी। भारत के लोगों ने उस समय काफी सूझबूझ, साहस और संयम का परिचय दिया था, जो कि सराहनीय है।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने यहाँ संवाददाताओं से कहा, ‘ओबामा की भारत यात्रा अमेरिकी चुनाव में उनकी पार्टी की हार की पृष्ठभूमि में हुई है। भारत में उनका ध्यान कारोबार को बढ़ाने, अमेरिका में रोजगार के अवसर पैदा करने और अपने उत्पाद को भारतीय बाजार में बेचने पर हैं।'
उन्होंने कहा कि अपनी यात्रा के पहले दिन मुम्बई में 26/11 हमले का केंद्र रहे ताज होटल में दिए भाषण में उन्होंने आतंकवाद पर मजबूत और स्पष्ट बयान नहीं दिया तथा पाकिस्तान का उल्लेख नहीं किया जिससे देश की जनता को निराशा हुई है।’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार और कूटनीतिज्ञों को इसका जवाब देना होगा और काफी विषयों पर देश की जनता के समक्ष तथ्य पेश करने होंगे।
उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा संदेश जा रहा है कि भारत और अमेरिका काफी करीब आए हैं लेकिन देश की जनता उम्मीद करती है कि ओबामा अपनी यात्रा के दौरान यह स्पष्ट करेंगे कि भारत के साथ संबंध मजबूत बनाते समय आतंकवाद, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता, कपास पर सब्सिडी, दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण जैसे मुद्दों पर उनका रुख क्या है
होटल ताज में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हमले के समय सारी दुनिया ने भारत की बहादुरी देखी। भारत के लोगों ने उस समय काफी सूझबूझ, साहस और संयम का परिचय दिया था, जो कि सराहनीय है।
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने यहाँ संवाददाताओं से कहा, ‘ओबामा की भारत यात्रा अमेरिकी चुनाव में उनकी पार्टी की हार की पृष्ठभूमि में हुई है। भारत में उनका ध्यान कारोबार को बढ़ाने, अमेरिका में रोजगार के अवसर पैदा करने और अपने उत्पाद को भारतीय बाजार में बेचने पर हैं।'
उन्होंने कहा कि अपनी यात्रा के पहले दिन मुम्बई में 26/11 हमले का केंद्र रहे ताज होटल में दिए भाषण में उन्होंने आतंकवाद पर मजबूत और स्पष्ट बयान नहीं दिया तथा पाकिस्तान का उल्लेख नहीं किया जिससे देश की जनता को निराशा हुई है।’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार और कूटनीतिज्ञों को इसका जवाब देना होगा और काफी विषयों पर देश की जनता के समक्ष तथ्य पेश करने होंगे।
उन्होंने कहा कि दुनिया में ऐसा संदेश जा रहा है कि भारत और अमेरिका काफी करीब आए हैं लेकिन देश की जनता उम्मीद करती है कि ओबामा अपनी यात्रा के दौरान यह स्पष्ट करेंगे कि भारत के साथ संबंध मजबूत बनाते समय आतंकवाद, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्यता, कपास पर सब्सिडी, दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण जैसे मुद्दों पर उनका रुख क्या है
मनमोहन व ओबामा ने वार्ता से पहले की भेंट
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच होने वाली औपचारिक वार्ता की पूर्व संध्या पर रविवार रात दोनों नेताओं की एक बैठक हुई। समझा जाता है कि दोनों नेताओं ने इस बैठक के दौरान द्विपक्षीय संबंधों का जायजा लिया और इन संबंधों को सामरिक भागीदारी की ऊंचाई तक ले जाने के रास्ते की तलाश की।
सिंह और ओबामा की यह सीधी बैठक प्रधानमंत्री द्वारा ओबामा और अमेरिका की प्रथम महिला के सम्मान में रविवार रात अपने निवास सात रेसकोर्स रोड पर आयोजित निजी भोज से पहले करीब 25 मिनट तक चली।
समझा जाता है कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की जो पिछले कुछ सालों में काफी प्रगाढ़ हुए हैं। सिंह और ओबामा कल व्यापक वार्ता करेंगे और समझा जाता है कि दोनों के बीच इस तरीके से बातचीत होगी ताकि दोनों देश अपने सहयोग को अधिक उच्च स्तर तक ले जा सकें, खासतौर से अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, कृषि और विज्ञान तथा तकनीक के क्षेत्र में ये सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंचें। दोनों पक्ष कल एक संयुक्त बयान भी जारी करेंगे जिसमें द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर सहयोग के नए क्षेत्रों की रूपरेखा होगी।
समृद्ध भारतीय कला की झलक देख मिशेल दंग
अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा ने सोमवार सुबह यहां राष्ट्रीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा संग्रहालय का भ्रमण कर भारत के समृद्ध वस्त्रों, कला व शिल्प की झलक देखी।
राजघाट में महात्मा गांधी की समाधि पर सुबह श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मिशेल प्रगति मैदान परिसर स्थित संग्रहालय में आठ गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची, जबकि उनके पति व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबमा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से चर्चा के लिए हैदराबाद हाउस रवाना हुए।
संग्रहालय की निदेशक रुचिरा घोष ने मिशेल को भारतीय पारम्परिक वस्त्रों, ग्रामीण हस्तशिल्प और कला से सजे गलियारों का भ्रमण कराया। मिशेल ने पश्चिम बंगाल की पटचित्र कला, पंजाब की फुलकारी, कर्नाटक की फूसा कला, जम्मू एवं कश्मीर की दुशाला शालें और हिमाचल प्रदेश की शिल्पकला देखी।
इस अवसर पर देश की करीब 20 महिला शिल्पकारों ने अपने-अपने हुनर का प्रदर्शन किया। मिशेल भारतीय शिल्प की समृद्ध विरासत देखकर प्रभावित थीं। उन्होंने जीविकोपार्जन के लिए हस्तशिल्प की वस्तुएं बनाने वालीं एक गैर सरकारी संगठन की 15 लड़कियों से बातचीत भी की।
संग्रहालय सूत्रों ने बताया कि उन्होंने बालिकाओं के कल्याण में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने भारतीय कला और शिल्प की विरासत के संबंध में और अधिक जानने के प्रति रुचि दिखाई। यह संग्रहालय आमतौर पर सोमवार के दिन बंद रहता है, लेकिन मिशेल के लिए इसे खुला रखा गया।
दिवाली जश्न में थिरके बराक और मिशेल
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा रविवारको यहाँ एक स्कूल के दिवाली के जश्न में शरीक हुए और एक मराठी लोकगीत पर स्कूली बच्चों के साथ थिरकते नजर आए।
अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रथम महिला ने अपनी भारत यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित होली नेम हाई स्कूल से की जहाँ बच्चों के एक समूह ने दंपती के समक्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम की पेशकश दी।
ओबामा के दीप प्रज्ज्वलन करने के बाद स्कूल में दीपावली उत्सव की शुरुआत हुई। विद्यार्थियों ने भारतीय पारंपरिक परिधानों में ओबामा और मिशेल का स्वागत किया। दोनों ने बच्चों से बात की, उनसे हाथ मिलाये और साथ में तस्वीरें भी खिंचवाईं। विद्यार्थियों को अपने मोबाइल फोन के कैमरे से दंपती की तस्वीरें उतारते देखा गया।
मराठी लोकनृत्य शैली ‘कोली’ की धुन पर ओबामा दंपती ताल देते और तालियाँ बजाते देखे गए। कुछ देर बाद दोनों नृत्य कर रहे विद्यार्थियों में शामिल हो गए और उनके साथ थिरके भी। यह लोकनृत्य महाराष्ट्र के मछुआरों के समुदाय की सांस्कृतिक पहचान है।
सबसे पहले मिशेल बच्चों के बीच गई और उन्होंने बच्चों की शैली में हू-ब-हू नृत्य करने की कोशिश की। बाद में बच्चे ओबामा को भी नृत्य करने के लिए खींच लाए। फिर दंपती ने बच्चों के साथ कई तस्वीरें खिंचवाईं और ऑटोग्राफ दिए।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्री और ओबामा के लिए ‘मिनिस्टर इन वेटिंग’ सलमान खुर्शीद को अमेरिकी राष्ट्रपति को इस पेशकश के महत्व के बारे में बताते देखा गया।
सफेद कमीज और गहरे रंग की पतलून पहने आए 49 वर्षीय ओबामा ने आस्तीन चढ़ाईं और नृत्य किया। बाद में उन्होंने तस्वीरें खिंचवाईं। यहाँ तक कि शिक्षकों ने भी 46 वर्षीय मिशेल से ऑटोग्राफ माँगे। मिशेल ने गुलाबी रंग का टॉप और चेक स्कर्ट पहन रखा था।
मिशेल काफी धैर्य से ‘कोली’ नृत्य देख रही थीं और उन्होंने बच्चों के साथ नृत्य शैली को सीखने की भी कोशिश की। वहीं, ओबामा को नृत्य शैली के साथ सहज होने में थोड़ा ही वक्त लगा। जिस हॉल में यह कार्यक्रम हो रहा था वह ताजा फूलों और पत्तियों से सजाया गया था।
नृत्य करने वाले एक विद्यार्थी ने बाद में कहा कि ओबामा को नृत्य पसंद आया और उन्होंने इसे आकर्षक, अच्छा और सुंदर करार दिया। वह हमारे साथ थिरके और उन्होंने कोली तथा दीया नृत्य भी किया
अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रथम महिला ने अपनी भारत यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत दक्षिण मुंबई के कोलाबा स्थित होली नेम हाई स्कूल से की जहाँ बच्चों के एक समूह ने दंपती के समक्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम की पेशकश दी।
ओबामा के दीप प्रज्ज्वलन करने के बाद स्कूल में दीपावली उत्सव की शुरुआत हुई। विद्यार्थियों ने भारतीय पारंपरिक परिधानों में ओबामा और मिशेल का स्वागत किया। दोनों ने बच्चों से बात की, उनसे हाथ मिलाये और साथ में तस्वीरें भी खिंचवाईं। विद्यार्थियों को अपने मोबाइल फोन के कैमरे से दंपती की तस्वीरें उतारते देखा गया।
मराठी लोकनृत्य शैली ‘कोली’ की धुन पर ओबामा दंपती ताल देते और तालियाँ बजाते देखे गए। कुछ देर बाद दोनों नृत्य कर रहे विद्यार्थियों में शामिल हो गए और उनके साथ थिरके भी। यह लोकनृत्य महाराष्ट्र के मछुआरों के समुदाय की सांस्कृतिक पहचान है।
सबसे पहले मिशेल बच्चों के बीच गई और उन्होंने बच्चों की शैली में हू-ब-हू नृत्य करने की कोशिश की। बाद में बच्चे ओबामा को भी नृत्य करने के लिए खींच लाए। फिर दंपती ने बच्चों के साथ कई तस्वीरें खिंचवाईं और ऑटोग्राफ दिए।
कॉरपोरेट मामलों के मंत्री और ओबामा के लिए ‘मिनिस्टर इन वेटिंग’ सलमान खुर्शीद को अमेरिकी राष्ट्रपति को इस पेशकश के महत्व के बारे में बताते देखा गया।
सफेद कमीज और गहरे रंग की पतलून पहने आए 49 वर्षीय ओबामा ने आस्तीन चढ़ाईं और नृत्य किया। बाद में उन्होंने तस्वीरें खिंचवाईं। यहाँ तक कि शिक्षकों ने भी 46 वर्षीय मिशेल से ऑटोग्राफ माँगे। मिशेल ने गुलाबी रंग का टॉप और चेक स्कर्ट पहन रखा था।
मिशेल काफी धैर्य से ‘कोली’ नृत्य देख रही थीं और उन्होंने बच्चों के साथ नृत्य शैली को सीखने की भी कोशिश की। वहीं, ओबामा को नृत्य शैली के साथ सहज होने में थोड़ा ही वक्त लगा। जिस हॉल में यह कार्यक्रम हो रहा था वह ताजा फूलों और पत्तियों से सजाया गया था।
नृत्य करने वाले एक विद्यार्थी ने बाद में कहा कि ओबामा को नृत्य पसंद आया और उन्होंने इसे आकर्षक, अच्छा और सुंदर करार दिया। वह हमारे साथ थिरके और उन्होंने कोली तथा दीया नृत्य भी किया
मिशेल के स्वागत को शिल्प संग्रहालय
असम की परंपरागत बांस की कलाकृति, पश्चिम बंगाल के पटचित्र, दिल्ली का ज़री का काम... ये सब अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा को सोमवार को राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में भेंट किया जाएगा।
सोमवार को आम तौर पर संग्रहालय बंद रहता है लेकिन मिशेल के लिए विशेष तौर पर इसे खोला जाएगा।
संग्रहालय के अधिकारियों के मुताबिक शिल्पी मिशेल की अगवानी को लेकर काफी उत्साहित हैं। वे उनके सामने अपनी बेहतरीन कलाकृतियां पेश करना चाहते हैं।
मिशेल को आंध्र प्रदेश के शिल्प, पंजाब की लाजवंती फुलकारी, बिहार की मधुबनी पेंटिंग भी देखने को मिलेगी। पश्चिम बंगाल के बीरभूम के बाउल कलाकार संभवत: उनके सम्मान में कार्यक्रम पेश करेंगे।
सोमवार को आम तौर पर संग्रहालय बंद रहता है लेकिन मिशेल के लिए विशेष तौर पर इसे खोला जाएगा।
संग्रहालय के अधिकारियों के मुताबिक शिल्पी मिशेल की अगवानी को लेकर काफी उत्साहित हैं। वे उनके सामने अपनी बेहतरीन कलाकृतियां पेश करना चाहते हैं।
मिशेल को आंध्र प्रदेश के शिल्प, पंजाब की लाजवंती फुलकारी, बिहार की मधुबनी पेंटिंग भी देखने को मिलेगी। पश्चिम बंगाल के बीरभूम के बाउल कलाकार संभवत: उनके सम्मान में कार्यक्रम पेश करेंगे।
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